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Thursday, 13 October 2016

दिल्ली में भ्रष्टाचार का एक और नमूना। स्वराज इंडिया ने राशन की दुकान में चल रही कालाबाजारी को रंगे हाथ पकड़ा

दिल्ली में भ्रष्टाचार का एक और नमूना। स्वराज इंडिया ने राशन की दुकान में चल रही कालाबाजारी को रंगे हाथ पकड़ा

Press Note, Swaraj Abhiyan, 12-Oct-2016
स्वराज इंडिया
प्रेस नोट : 12 अक्टूबर, 2016

दिल्ली में भ्रष्टाचार का एक और नमूना। स्वराज इंडिया ने राशन की दुकान में चल रही कालाबाजारी को रंगे हाथ पकड़ा।
 
दिल्ली |कल 11 अक्टूबर को दिल्ली में सरकारी राशन की दुकान में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया। वाकया वजीरपुर के सावन पार्क का है जहाँ स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता रविन्दर निगम ने सरकारी राशन की दुकान में चल रही एक बड़ी कालाबाज़ारी को रंगे हाथ पकड़ा।

जो चीनी की बोरियाँ गरीब लोगों को मिलनी चाहिए थी वह एक रिक्शा में भर कर प्राइवेट परचून की दुकान पर पहुँचाई जा रही थी। यह होते देख स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता रविन्दर ने उस रिक्शा को रुकवाया। इसपर कोटेदार व उनके बेटे और अन्य रिश्तेदारों ने उनके के साथ हाथापाई की और धमकी दिया। जिसके बाद स्वराज इंडिया वजीरपुर के कार्यकर्ताओं व स्थानीय महिलाओं ने इसका पुरजोर विरोध किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। 

मौके पर पहुँचने के बाद पुलिस उस रिक्शा ठेले को जब्त कर थाना ले गई। बाद में पुलिस द्वारा यह कहा गया कि यह हमारा मामला नहीं है, यह खाद्य निरीक्षक के अन्तर्गत आता है। फिर खाद्य निरीक्षक को इसकी जानकारी दी गई। वह थाने आये और जब कोटेदार से रजिस्टर मंगवाई गई तो उसमें कई प्रकार की खामियां थी। खाद्य निरीक्षक ने इस बात को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

स्थानीय जनता को जब इसकी सूचना मिली तो काफी महिलाएँ वहाँ इक्कट्ठा हो गई और उन्होंने भी पुलिस-प्रशासन से राशन की दुकान में चल रही गड़बड़ियों की शिकायत की। स्थानीय लाभुक महिलाओं की शिकायत है कि पिछले कई महीनों से चावल नहीं दिया गया, गेहूं भी कम मिलती है और चीनी की गुणवत्ता बिलकुल निम्न स्तर की होती है। यह सारी बातें खाद्य निरीक्षक ने भी स्वीकार किया।

जब इस बात की शिकायत स्थानीय विधायक राजेश गुप्ता से की गई तो उन्होंने लिखित में शिकायत देने की बात कहा। दुःखद बात यह है क़ि जब आज फिर से कोटेदार ने अपनी दुकान खोला तो विरोध करने वाली सभी महिलाओं को राशन देने से बिलकुल मना कर दिया और धमकाया कि जो करना है कर लो, सब को अपने जेब में रखता हूँ। साथ ही, जिस ठेले को पुलिस जब्त कर थाने ले गई थी वह भी कोटेदार आज अपने यहाँ ले आया।

खाद्य निरीक्षक के द्वारा क़िसी कार्रवाई का पता नहीं चला है।

क्या वाकई दिल्ली में भ्रष्टाचार इस कदर मज़बूत हो गया है?

क्या वाक़ई दिल्ली का सरकारी तंत्र एक कोटेदार के सामने घुटने टेक देता है?

स्वराज इंडिया बेहद गंभीर हो ऐसे घटनाओं की निंदा करती है। हम माँग करते हैं कि सरकार व सरकारी तंत्र ऐसे मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझा कर उपभोक्ताओं को उचित लाभ व दोषियों को गंभीर सज़ा दे। अगर दोषियों को सजा व उपभोक्ताओं के लाभ में किसी भी तरह की कोताही बरती जायेगी तो स्वराज इंडिया इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी और न्याय मिलने तक हरसंभव संघर्ष करेगी।

आप इन घटनाओं की और जानकारी के लिए स्थानीय कार्यकर्ता रविंद्र निगम से जानकारी ले सकते है (मोब न. 7042448585)।

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